12वीं पंचवर्षीय योजना में राजस्थान स्थित विश्वविद्यालयों के लिए 8465 लाख रूपये आवंटितः. सांसद बोहरा


जयपुर सांसद श्री रामचरण बोहरा ने कहा कि राजस्थान स्थित विष्वविद्यालयों के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजनावधि (2012-17) के दौरान 8465.00 लाख रूपये आवंटित किये गये थे, जिसके अन्तर्गत 4827.86 लाख का अनुदान जारी कर दिया गया है। इस राषि के उपयोग की अवधि 31 मार्च, 2020 तक बढ़ाई गई है।


सांसद बोहरा द्वारा लोकसभा में पूछे गए प्रष्न के उत्तर में मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेष जी पोखरियाल 'निषंक' ने बताया कि विष्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू.जी.सी.) द्वारा राजस्थान स्थित राजस्थान विष्वविद्यालय जयपुर के लिए 2611.00 लाख, जे.एन. व्यास विष्वविद्यालय जोधपुर के लिए 1720.00 लाख, एम.डी.एस. यूनिवर्सिटी अजमेर के लिए 1161.00, एम.एल. सुखाड़िया विष्वविद्यालय उदयपुर के लिए 1193.00 लाख, नेषनल लाॅ यूनिवर्सिटी जोधपुर के लिए 800.00 लाख, कोटा विष्वविद्यालय कोटा के लिए 700.00 लाख एवं महाराजा गंगा सिंह विष्वविद्यालय बीकानेर के लिए 280.00 लाख का आवंटन किया गया था, जिसमें से राजस्थान विष्वविद्यालय जयपुर के लिए 1827.70 लाख, जे.एन. व्यास विष्वविद्यालय जोधपुर के लिए 936.58 लाख, एम.डी.एस. यूनिवर्सिटी अजमेर के लिए 464.40, एम.एल. सुखाड़िया विष्वविद्यालय उदयपुर के लिए 477.20 लाख, नेषनल लाॅ यूनिवर्सिटी जोधपुर के लिए 480.00 लाख, कोटा विष्वविद्यालय कोटा के लिए 530.00 लाख एवं महाराजा गंगा सिंह विष्वविद्यालय बीकानेर के लिए 112.00 लाख रूपये का अनुदान जारी कर दिया गया है।


सांसद बोहरा द्वारा राजस्थान में स्थित संस्कृत महाविद्यालयों की जानकारी चाहने पर केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने बताया कि राजस्थान में 57 संस्कृत महाविद्यालय स्थित हैं और देष में कुल 760 संस्कृत महाविद्यालय स्थित है, जिनमें संस्कृत व्याख्याताओं के कुल 709 पद रिक्त हैं। जिसके लिए विष्वविद्यालय अनुदान आयोग ने अपने दिनांक 04.06.2019 के पत्र के माध्यम से सभी विष्वविद्यालयों को 6 महिने की अवधि के भीतर रिक्त पदों को भरने के लिए कहा है। इसके बाद दिनांक 31.07.2019, 07.08.2019, 05.09.2019 एवं 22.10.2019 को स्मरण पत्र भेजे गए थे।


साथ ही, सांसद बोहरा द्वारा संस्कृत महाविद्यालयों में षिक्षा के गुणवत्ता में सुधार करने के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों के बारे में पूछे गये प्रष्न के उत्तर में मानव संसाधन विकास मंत्री ने बताया कि आयोग संस्कृत में षिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने और अवसंरचना विकास के लिए पात्र काॅलेजों को विकास सहायता और ब्लाॅक अनुदान प्रदान करता है तथा यूजीसी में षिक्षण और अनुसंधान में प्रवेष लेने वालों के लिए न्यनतम मानक सुनिष्चित करने हेतु राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (एन.ई.टी.) की शुरूआत की है।


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