आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण के लिए जनसहयोग का आह्वान

जयपुर, आंगनबाड़ी में आ रहे बच्चे भारत के भविष्य की पूंजी हैं, इसलिए हर आंगनबाड़ी को आदर्ष बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। अगर हर ग्राम पंचायत में पंचायत फण्ड, विधायक कोष या जन सहयोग से हर वर्ष एक आंगनबाड़ी केन्द्र को नया भवन मिल जाए तो सभी आंगनबाड़ियों की स्थिति सुधर सकती है।

समेकित बाल विकास सेवाएं के अन्तर्गत प्रदत्त सेवाओं की गुणवत्ताओं में सुधार, प्रबोधन एवं पर्यवेक्षण तथा विभिन्न विभागों में समन्वय एवं अभिसरण की दृष्टि से सोमवार को जिला कलक्टेªट में आयोजित जिला स्तरीय निगरानी तथा समीक्षा समिति की बैठक में बस्सी के विधायक श्री लक्ष्मण मीना द्वारा आंगनबाडियों में आधारभूत सुविधाओं के अभाव का मामला उठाए जाने पर उप निदेषक महिला एवं बाल विकास विभाग एवं एसडीएम उत्तर श्रीमती ओम प्रभा ने यह बात कही।

श्रीमती ओमप्रभा ने बैठक में सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को व्यक्तिगत रूचि लेकर हर आंगनबाडी को आदर्ष बनाने के लिए काम करने, पालनहार योजना के जरिए अधिक से अधिक लोगों को इनसे जोड़ने का लक्ष्य दिया। उन्होंने षिक्षा विभाग के अधिकारियों को आंगनबाड़ी के लिए एक अच्छा कमरा उपलब्ध कराने के लिए एक एडवाइजरी जारी करने को कहा। साथ ही किराये के भवन में चल रही सभी 1166 आंगनबाड़ियों सहित सभी आंगनबाडियों का सर्वे कराने को कहा ताकि यह पता चल सके कि कोई आंगनबाड़ी जर्जर कक्ष में तो नहीं चल रही।

श्रीमती ओम प्रभा ने बताया कि जिले में समेकित बाल विकास सेवाओं के अन्तर्गत 99 हजार 290 बच्चांे, 39 हजार 337 गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं एवं 96 किषोरी बलिकाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों  में सामूहिक सहयोग सुनिष्चित करते हुए जयपुर में 703 आंगनबाड़ी केन्द्र गोद लिए गए हैं। जिसमें वेदान्ता, बॉष इंडिया, एफ, एस.फाउण्डेषन, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इण्डिया जैसे संगठन/संस्थान शामिल हैं। इसी प्रकार जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में अब तक 71938 लाभार्थियेां को करीब 21 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं।


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