बिना अनुमति के के डी जे या लाउड स्पीकर चलाना अब पड़ेगा महंगा

जयपुर, 20 नवम्बर। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्टेट जयपुर श्री जगरूप सिंह यादव ने बुधवार को एक आदेश जारी कर राजस्थान ध्वनि नियंत्रण अधिनियम 1963 की धारा 5 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सम्पूर्ण जयपुर जिले में (शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित) सार्वजनिक स्थानों पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक जुलूस एवं समारोह तथा अन्य आम-जन को प्रभावित करने वाले क्षेत्रों में तीव्र ध्वनि विस्तारक यंत्रों (डीजे सहित सभी ध्वनि विस्तारक यंत्र) का उपयोग निशेध कर दिया है।


आदेश के अनुसार किसी व्यक्ति, समूह या प्रतिनिधि को किसी भी प्रकार के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जुलूस एवं समारोह तथा आमजन में तीव्र ध्वनि विस्तारक यंत्र (डीजे सहित सभी ध्वनि विस्तारक यंत्र) का उपयोग करने के लिए सम्बन्धित उपखण्ड मजिस्टेट या पुलिस उपायुक्त की पूर्वानुमति लेनी होगी। किस भी हाल में रात्रि 10 बजे पश्च्यात एवं प्रातः 6 बजे के मध्य यह स्वीकृति नहीं दी जा सकेगी।


आदेषानुसार बिना अनुमति के डीजे प्रयुक्त वाहन को जब्त कर सम्बन्धित वाहन स्वामी के विरुद्ध ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1963 एवं मोटर वाहन अधिनियम के तहत सम्बन्धित अधिकारी एवं परिवहन विभाग द्वारा (डीजे सहित सभी घ्वनि विस्तारक यंत्र) के सम्बन्ध में नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। स्वीकृति मिलने के बावजूद ध्वनि का स्तर घ्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण 2000) की अनुसूची में निर्धारित स्तर से अधिक नहीं हो सकेगा। इस आदेष के उल्लंघन पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 में अपराध अन्तर्गत दण्डनीय होगा।


जिला कलक्टर श्री यादव ने बताया कि ऐसी सूचनाएं प्राप्त हुईं कि जयपुर जिले की सीमाओं के भीतर (षहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित) विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक जुलूसोुं, एवं समारोह में उपयोग करने के कारण अध्यधिक ध्वनि प्रदूषण फैल रहा है। इससे बुजुर्ग, बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। साथ ही विद्यार्थियेां एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों की पढाई प्रभावित हो रही है। साथ ही आमजन को अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से होने वाली बाधा एवं असुविधा, क्षति या इसके जोखिम को समाप्त करने एवं वातावरण को शांतिमय बनाए रखने के लिए यह आदेष जारी किया गया है।


Comments