चारधाम कार्यक्रम पर 1850 करोड़ रूपये खर्च करने की संभावनाः- सांसद बोहरा


जयपुर सांसद श्री रामचरण बोहरा ने कहा केन्द्र सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में चारधाम कार्यक्रम पर 1850 करोड़ रूपये की धनराषि खर्च किये जाने की संभावना है। सांसद बोहरा द्वारा लोकसभा में चारधाम कार्यक्रम के कब तक पूरा होने के संदर्भ में पूछे गये प्रष्न के उत्तर में केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी ने बताया कि चारधाम कार्यक्रम प्रारम्भ में मार्च 2020 तक पूरा किया जाना था, लेकिन माननीय सर्वोच्च न्यायालय में याचिकाकर्ता द्वारा प्रकरण विचाराधीन एवं धरासु मोड़ से गंगोत्री (94 किमी) तक का खण्ड भागीरथी पारिस्थित की संवेदनषील क्षेत्र में आने से यह कार्य एम.ओ.ई.एफ.एण्डसी.सी. द्वारा मास्टर प्लान के अनुमोदन के बाद ही शुरू किये जाने हैं।


केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी जी ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने दिनंाक 08.08.2019 के अपने आदेष के माध्यम से सिविल अपील का निपटारा कर दिया है और माननीय उच्च न्यायालय द्वारा तय किये गए निबंधन शर्तों के अनुसार चारधाम कार्यक्रम से सम्बन्धित पर्यावरणीय और अन्य मुद्दो को देखने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया गया है। जिसे आदेष के तारीख के 04 महिने के अन्दर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। कार्यक्रम के समापन की तारीख उच्चाधिकार प्राप्त समिति की रिपोर्ट और एम.ओ.ई.एफ.एण्डसी.सी. द्वारा भागीरथी पारिस्थित की संवेदनषील के लिए मास्टर प्लान के अनुमोदन पर निर्भर करता है।


सांसद बोहरा द्वारा उक्त परियोजना को आसन्न/ सम्भव प्राकृतिक आपदाओं से बचाने/ मजबूत करने हेतु सरकार द्वारा उठाये गए कदमों के बारे में पूछे गये प्रष्न के उत्तर में केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने बताया कि चारधाम कार्यक्रम के तहत् परियोजनाओं में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार रिटेनिंग वाॅल और ब्रेस्ट वाॅल को खड़ी करना और डेªपरी प्रणाली, नेटिंग, एकरिंग, रिइनफोस्र्ड वाॅल आदि को लगाकर पर्याप्त ढलान सुरक्षा के साथ-साथ मौजूदा सड़कों का चैड़ीकरण शामिल है। परियोजना में भूस्खलन से बचने और सड़क प्रयोक्ताओं की सुरक्षा के लिए स्टैंड-अलोन परियोजना या सड़क चैड़ीकरण परियोजनाओं के हिस्से के रूप में जबरदस्त भूस्खलन और डूबते हुए स्पाॅटों / क्षेत्रों को कम करने के उपाय/ स्थिरीकरण शामिल है।


सांसद बोहरा द्वारा उक्त कार्यक्रम में कार्य/ निर्माण की गुणवत्ता की समीक्षा करने हेतु नियुक्त एजेंसी के संदर्भ में पूछे गए प्रष्न के उत्तर में केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी जी ने बताया कि तीन परियोजनाएं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की तीन निष्पादित एजेंसियां द्वारा कार्यान्वित की जा रही है। इसके लिए एक पर्यवेक्षण परामर्षदाता की नियुक्ति की गई है जो प्रतिदिन कार्य की प्रगति से नियमित निगरानी कर निष्पादन एजेंसी को अवगत कराता है, जिसकी निष्पादन एजेंसी व मंत्रालय के स्तर पर भी निगरानी की जाती है। इसके अलावा संविधा के ईपीसी मोड़ के तहत संविदाकार निर्माण के समापन के बाद 04 साल की अवधि के लिए परियोजना खण्ड के रख-रखाव और दोषों के निवारण के साथ-साथ कार्य की गुणवत्ता सुनिष्चित करने के लिए प्रत्यक्षतः जिम्मेदार है।


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