वायु प्रदूषण से बचाव के लिए आईईसी गतिविधियों की आवष्यकता -जिला कलक्टर

जयपुर, 15 नवम्बर। जिला कलक्टर श्री जगरूप सिंह यादव ने कहा है कि वर्तमान में वायु प्रदूषण एनसीआर एवं उसकी वजह से जयपुर, अजमेर में भी अपने चरम पर है, लोगों को इससे बचने के उपायों के बारें में जागरूकता एवं आईईसी गतिविधियों की अत्यधिक आवष्यकता है। खासकर श्वासरोगियों को बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने चिकित्सा विभाग के प्रतिनिधि को मौसम एवं प्रदूषण के कारण बढे श्वास रोगियों की संख्या का आंकड़ा जुटाकर प्रस्तुत करने के निर्देष दिए।
श्री यादव ने निर्देषित किया कि दीपावली के बाद से ही वायु प्रदूषण का स्तर बढा हुआ है, शादियों का सीजन भी जारी है, ऐसे में जिला प्रषासन द्वारा सार्वजनिक स्थलों एवं सामाजिक समारोह में आतिषबाजी के उपयोग एवं अनुमति के सम्बन्ध में जारी एडवाइजरी के सम्बन्ध मंे पुलिस कमिष्नर एवं पुलिस अधीक्षक ग्रामीण से की गई कार्यवाही की रिपोर्ट ली जाए। साथ ही चिकित्सा विभाग को वर्तमान में विद्यमान हाई एयर पॉल्यूषन इंडेक्स के कारण श्वास रोगियों को हो रही परेषानी के आंकडे़ जुटाने एवं पर्यावरण प्रदूषण से बचाव के बारे में आईईसी करने निर्देष दिए हैं। श्री यादव ने शुक्रवार को जिला स्तरीय पर्यावरण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देष दिए। उन्होंने समिति की बैठक में प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड एवं परिवहन विभाग के प्रतिनिधि के बिना सूचना गैर हाजिर रहने को गंभीरता से लिया।
 बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक के वैकल्पिक साधनों पर विचार किया गया। बैठक में तय किया गया कि जिला प्रषासन में होने वाली बैठकों में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं किए जाने के निर्देष जारी किए जाएं एवं जिले में स्थित अन्य विभागों के लिए एडवाइजरी जारी की जाए। बैठक में सरकारी कार्यालयों में पौधारोपण एवं प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी सुनिष्चत करने, खनन प्रभावित क्षेत्रों में पौधारोपण करने सम्बन्ध कई विषयों पर विचार विमर्ष किया गया। अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री इकबाल खान ने खनन लीज खत्म होने के बाद लीजप्राप्तकर्ता द्वारा खनन से बने गड्ढे ज्यों का त्यों छोडे़ जाने पर लीज होल्डर को खनन विभाग द्वारा नोटिस दिए जाने की जरूरत बताई। उन्होंने वन विभाग को ऐसे मामले खनन विभाग को सौंपने को कहा। खनन प्रभावित ऐसी भूमि पर खनन यूनियनों द्वारा पौधारोपण करवाने के लिए खनन विभाग के प्रतिनिधि द्वारा समिति को आष्वस्त किया गया। बैठक में वन विभाग, खान विभाग, षिक्षा, चिकित्सा एवं सम्बन्धित अन्य विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।  


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