जिले के हर निवासी की सुनवाई हो, सुशासन की भावना के अनुरूप काम ही अधिकारियों के परफोर्मेंस का मानदण्ड -जिला कलक्टर


जयपुर, 09 दिसम्बर। जिला कलक्टर श्री जोगाराम ने कहा है कि सफाई, बिजली, पानी, सड़क जैसी आधारभूत जनसुविधाओं से जुडे़ मामले हों या सामाजिक सुरक्षा-सषक्तीकरण की बात हो जिले के हर निवासी को लगना चाहिए कि उसे सुना जा रहा है और हर अधिकारी-कर्मचारी सुषासन की भावना से काम कर रहा है।


श्री जोगाराम ने सोमवार को जिला कलक्टेªट सभागार में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की पहली बैठक लेते हुए यह बात कही। उन्होंने निर्देष दिए कि सभी अधिकारी राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारण्टी अधिनियम-2011 एवं राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम-2012 के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए कार्य करें।
उन्होंने कहा कि आदर्ष स्थित में लोगों के परिवादों की सुनवाई सम्बन्धित विभागों में ही हो जानी चाहिए ताकि उन्हें जिला कलक्टेªट, मंत्रीगण या मुख्यमंत्री कार्यालय तक नहीं जाना पडे़। सभी विभाग अपने यहां ऐसा तंत्र विकसित करें। जयपुर विकास प्राधिकरण एवं नगर निगम जैसे लोगों से सीधे जुडे़ विभाग एवं उनके अधीनस्थ कार्यालयों में जनसुनवाई रजिस्टर बनाए जाएं एवं टीमें बनाकर इनकी रेण्डम चैकिंग की जाए। यदि कहीं लापरवाही पाई जाएगी तो एक्ट के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।


उन्होंने कहा कि सम्पर्क पोर्टल पर आने वाले सभी परिवादों, षिकायतों का प्राथमिकता से शत-प्रतिषत निस्तारण किया जाए और इस कार्य में अधिकारी केवल सूचना सहायक या कम्प्यूटर ऑपरेटर के भरोसे नहीं रहें। अधिकारी एक-एक प्रकरण को स्वयं देखें और नियमों का पालन करते हुए उनका समुचित निस्तारण करें।


उन्होंने जेडीए, नगर निगम जैसे विभागों में सम्पर्क पोर्टल पर काफी अधिक संख्या में प्रकरण बकाया होने पर नाराजगी प्रकट करते हुए एक हफ्ते में इन्हें निस्तारित कर अगले सोमवार तक रिपोर्ट देने को कहा। जयपुर के दोनों मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के स्तर पर लम्बित 950 से अधिक मामलों को एवं जेवीएनएल के अधिकारियों को बकाया मामले तीन दिन में हल कर रिपोर्ट देने के निर्देष दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को उनके लिए निर्धारित निरीक्षणों को गंभीरता से लेने और जन समस्याआंें के प्रति संवेदनषील रहने को कहा।


श्री जोगाराम ने विवाह स्थलों, रूफ टॉप रेस्टोरेंट में अग्नि सुरक्षा, सार्वजनिक प्रकाष टाइमर सेटिंग के परिवर्तन, शहर में पेयजल गुणवत्ता एवं आपूर्ति समेत कई विषयों पर सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देष प्रदान किए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री इकबाल खान, चतुर्थ श्री अषोक कुमार, जिला रसद अधिकारी जयपुर शहर श्री कनिष्क सैनी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।


कचरा परिवहन वाहनों की टेªकिंग का डेटा साझा करें
जिला कलक्टर ने शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवष्यकता बताते हुए निर्देष दिए कि शहर में कचरा परिवहन में लगे वाहनों के वीटीएस(व्हीकल टेªकिंग सिस्टम) का डेटा जिला प्रषासन के साथ साझा किया जाए। उन्होंने निगम के अधिकारियों को निर्देष दिए कि निगम द्वारा कचरा संग्रहण-परिवहन-निस्तारण व्यवस्था की रेण्डम चैकिंग उन अधिकारियों से कराई जाए जो इस व्यवस्था से सीधे तौर पर न जुडे़ हों। सफाई व्यवस्था में संसाधनों एवं प्रयासों के दोहराव को रोका जाए।


महिला सषक्तीकरण के लिए समेकित योजना बनाने के निर्देष
जिला कलक्टर श्री जोगाराम ने महिला अधिकारिता एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को जिले में महिलाओं के सषक्तीकरण के लिए एक सप्ताह में समेकित योजना बनाने के निर्देष दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में महिलाएं स्वेच्छा से घूंघट की कैद से बाहर निकलें और सषक्तीकरण की मुख्य धारा में शामिल हों, इसके लिए गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ), सोषल मीडिया का उपयोग कर इसे अभियान के रूप में लेते हुए सकारात्मक वातावरण बनाया जाना चाहिए। गरिमा हैल्पलाइन की बैठक भी जल्द बुलाई जाए।


मिलावटी खाद्य सामग्री के खिलाफ कड़ी कार्यवाही दरकार
जिला कलक्टर ने जिले में मिलावटी और घटिया खाद्य सामग्री के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किए जाने की जरूरत बताई। श्री जोगाराम ने कहा कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षक फूड सेफ्टी एक्ट मंे लिए जाने वाले नमूनों की संख्या बढाएं एवं रोजाना इस कार्यवाही की रिपोर्ट जिला प्रषासन को भी दें। नमूने खाद्यानों की अलग-अलग श्रेणी से लिए जाएं एवं जो केस बनाए जाएं उन्हें अंजाम तक पहंुचाया जाए।


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