सांसद बोहरा ने केन्द्रीय वित्त मंत्री के समक्ष रखा जयपुर के प्रमुख व्यापारिक एवं औधोगिक संगठनों का पक्ष


 जयपुर सांसद श्री रामचरण बोहरा ने केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर जी.एस.टी की दरों में एकरूपता लाने, आयकर स्लेब में परिवर्तन एवं लघु एवं कुटीर उद्योगो को ओर अधिक प्रोत्साहन देने के लिए जयपुर के प्रमुख व्यापारिक एवं औधोगिक संगठनों का प्रमुखता से पक्ष रखकर और छूट देने की मांग की।



                 सांसद बोहरा ने केन्द्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात से पहले जयपुर स्थित राजस्थान चैम्बर आॅफ काॅमर्स भवन में शहर के प्रमुख व्यावसायिक एवं औधोगिक संगठनों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना था ओर उन समस्याओं से केन्द्रीय वित्त मंत्री को भी अवगत करानें का एवं यथोचित कार्यवाही का विष्वास दिलाया था।



                     सांसद बोहरा ने वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण को अवगत कराया कि वर्तमान में रेडीमेंड गाॅरमेंट में 1000 से अधिक मुल्य पर 12 प्रतिषत, नेत्र सुरक्षा के सहायक उत्पादकों पर 18 प्रतिषत खाद्य पदार्थो जैसे तिलहन, एवं मषालों व अन्य ब्रान्डेड कृषि जिंसो पर 5 प्रतिषत जीएसटी लगता हैं। इस पर सांसद बोहरा ने रेडीमंड गाॅरमेंट पर एक समान 5 प्रतिषत व नेत्र सुरक्षा के सहायक उत्पादको पर 12 प्रतिषत जी.एस.टी की मांग की तथा खाद्य पदार्थो पर जी.एस.टी शुन्य करने की मांग की ताकि लघु एवं कुटीर उद्योग, खुदरा व निजी व्यवसाय के साथ ही मध्यम वर्ग को भी लाभ मिलेगा।
                 
                         सांसद बोहरा ने वित्त मंत्री के समक्ष बैंको से प्रतिवर्ष 1 करोड़ या अधिक की नकद निकासी पर लगने वाले 2 प्रतिषत टी.डी.एस से राहत, बैंक द्वारा ऋण प्रक्रिया का सरलीकरण, पोष मषीन पर 18 प्रतिषत जी.एस.टी. से मुक्ति दिल्ली मुम्बई काॅरिडोर की स्थापना, सीजीटीएमएसई योजनान्तगर्त सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को प्रात्साहन देने के लिए क्रेडिट गारंटी फंड की सुविधा प्रधान की गई हैं। उसी तर्ज पर एम.एस.एम.ई इण्डस्ट्री में भी सोलर प्रोजेक्ट्स स्थापित करने के लिए ऋण सुविधा/क्रेडिट गारंटी फंड की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए ताकि निजी व्यवसाय के प्रति रूचि जाग्रत की जा सके।



                 सांसद बोहरा ने कार्मिकों एवं अन्य वर्गो को राहत प्रदान करनें के लिए 5 लाख तक 0 प्रतिषत, 5 से 10 लाख तक 5 प्रतिषत, 10 से 20 लाख तक 10 प्रतिषत एवं 20 लाख से अधिक आय पर 20 प्रतिषत आयकर कटोती लागु करने की मांग की। ताकि मध्यम वर्ग की आय में बचत होने व व्यय क्षमता में वृद्धि होने से बाजार में भी अपेक्षित वृद्वि देखने को मिलेगी ओर मध्यम वर्ग व कार्मिकों को आयकर में भी राहत मिलेगी।  



                   इस पर केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने सकारात्मक आष्वासन देते हुए सभी मांगो पर विचार करने को कहा हैं।


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