सफाई कर्मचारियों की भूमिका अब ओर भी महत्वपूर्ण


जयपुर, 05 दिसम्बर। डोर टू डोर कचरा इकट्ठा करने वाली गाडी में बैठे कार्मिक को हर घर/प्रतिष्ठान से कचरा लेते समय यह कहना होगा कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके डालें। इसके साथ ही शहरवासियों की भी यह जिम्मेदारी है कि वे डोर टू डोर कचरा संग्रहण वाली गाडी मेे ही कचरा डाले और गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके गाडी मे डाले। अगर हम जयपुर को स्वच्छ सर्वेक्षण मे नम्बर वन बनाना चाहते है तो यह जरूरी भी है क्योंकि  स्वच्छ सर्वेक्षण के 6 हजार नम्बरो में से पांच सो अंक डोर टू डोर कचरा संग्रहण और सेग्रीगेषन (गीला कचरा हरा कचरा पात्र मे और सूखा कचरा नीले कचरा पात्र मे) के है। नगर निगम के सभासद भवन में गुरूवार को आयोजित बैठक में अतिरिक्त आयुक्त अरूण गर्ग ने बीवीजी कम्पनी के प्रतिनिधियों को इस सम्बन्ध में निर्देष दिए है।


यह जिम्मेदारी बीवीजी की-


-सो प्रतिषत वार्ड डोर टू डोर व्यवस्था से कवर हो
-हर हूपर में लाउड स्पीकर सूचारू हो एवं गीले एवं सूखे कचरे के लिए अलग-अलग कम्पार्टमेंट हो
-सभी हूपरों में वीटीएस सिस्टम और जियो फैन्सिंग सिस्टम काम करें।
-घरेलु स्तर के मेडिकल वेस्ट और हेजार्डस वेस्ट के लिए रेड बास्केट हो।
-ड्राइवर एवं सहायक निष्चित ड्रेस कोड में हो।
-हूपर पर कवर लगा हो।
-हूपरों की संख्या बढायें जब तक नये हूपर आये तब तक जो है उनके फैरे बढायें।


सफाई कर्मचारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण-


अतिरिक्त आयुक्त अरूण गर्ग ने कहा कि जयपुर की सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका सफाई कर्मचारियों, मुख्य सफाई निरिक्षकों एवं सफाई निरिक्षकों की है। उन्हाने कहा कि सफाई कर्मचारी उनके लिए आवंटित स्थान की सुचारू सफाई करें। फील्ड के आॅफिसर यह सुनिष्चित करें कि खुले में कचरा इकट्ठा नही हो। गन्दगी फैलाने वालों और प्लास्टिक प्रयोग करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाये और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाये।
शहर के सभी लिटर बिन सुचारू हो- सभी मुख्य सफाई निरिक्षकों एवं सफाई निरिक्षकों को यह निर्देष दिये गये हैं कि मुख्य बाजारों में सडक के दोनों और लगे लिटर बिनों का निरिक्षण 24 घंटेे में एक बार अवष्य करें। अधिषाषी अभियन्ता मुख्यालय को निर्देष दिये गये है सभी लिटर बिन सही तरीके से  इन्सटाॅल हो। अगर कोई लिटर बिन टूटा हुआ है तो उसको ठीक करवाया जाये। सभी सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों में सभी व्यवस्थायें हो। यदि संचालन द्वारा कोई लापरवाही बरती जा रही है तो उस पर जुर्माना लगाया जाये। शहर में जहां भी फुटपाथ या डिवाईडर टूटे हुए है उन्हे तुरन्त दुरूस्त करवायें जायें।


सब्जी मण्डी, पब्लिक गेदरिंग एवं ट्यूरिस्ट प्लेस के लिए विषेष व्यवस्था हों-


बैठक में निर्देष दिये गये है कि फल एवं सब्जी मण्डी का विषेष ध्यान रखा जाये। सब्जी मण्डी में डस्टबिन रखे होने चाहिए तथा कचरा खुले मेे ना पडा रहे। इसके साथ ही ऐसे स्थान जहां पर आमजन की आवाजाही ज्यादा रहती है तथा पर्यटन स्थलों के आस-पास सफाई के लिए विषेष व्यवस्था की जाये ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेषानी ना हों।


इन बातों का भी रखें ध्यान-


सभी जोन उपायुक्तो को निर्देष दिये गये है कि उनके क्षेत्र में यदि कोई वाटर बाडी है तो उसकी एवं उसके आस-पास के सुचारू सफाई होनी चाहिए। यदि कहीं खुले में सीएनडी वेस्ट (ईंट गारे का मलबा पडा है) सम्बन्धित पर जुर्माना लगाया जाये।


इस दौरान सभी जोन उपायुक्त, मुख्य सफाई निरिक्षक, सफाई निरिक्षक एवं नगर निगम के अन्य अधिकारी तथा बीवीजी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


 

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