विरासत को संजोय रखना शहर के विकास माॅडल का अभिन्न अंग है- अतिरिक्त आयुक्त


जयपुर, 19 दिसम्बर। अतिरिक्त आयुक्त अरूण गर्ग ने कहा है कि जयपुर में हाॅस्पिटेलिटि सेक्टर महत्वपूर्ण है और साथ ही विरासत को संजोय रखना शहर के विकास माॅडल का अभिन्न अंग है। विरासत और नवीनता के तालमेल विषय पर हाॅटल ललित में आयोजित संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए अतिरिक्त आयुक्त ने यह बात कही। मुख्य अभियन्ता अनिल सिंघल ने विरासत और विकास को एकसाथ लेकर चलने में स्मार्ट शहरों के योगदान पर प्रकाष डाला। उन्होने शहरों में मूलभूत सुविधाएं विकसित करने और विरासत को संजोने में आने वाली वित्त की कमी का भी जिक्र किया। उन्होन कहा कि नये साधनों का समावेष करके दोनों चीजों को साथ लेकर चला जा सकता है।


यूएन हैबिटेट की सिटी काॅर्डिनेटर (अरबन प्लानर) श्रुति ने बताया कि संागोष्ठी का आयोजन यूएन हैबिटैट, जी.आई.जे़ड., केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय एवं नगर निगम जयपुर के द्वारा किया जा रहा है। यह संगोष्ठी फरवरी 2020 में आबूधाबी में होने वाले 10वें विष्व शहरी मंच (डब्ल्यू यू. एफ.) के पूर्व रूप के तौर पर आयोजित की जा रही है। इस दौरान अमृतसर नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त नितेष सिंघला, शहर एषिया (एस.ई.एच.ई.आर.) की ओल्गा चैप्लियन्सकिया तथा नमामी गंगे प्रोजेक्ट से जुड़े आदित्य विधासागर ने प्रथम सेषन में अपने अनुभव साझा किये।


हैरिटेज वाॅक का आयोजन- संगोष्ठी का पहला दिन चैकडी मोदी खाना की हैरिटेज वाॅक के साथ समाप्त हुआ। डेलिगेट्स ने शहर की विषेषताओं को समझने के लिए न्यू गेट से अपनी यात्रा शुरू की जो चैड़ा रास्ता, किषनपोल बाजार होते हुए राजस्थान स्कूल आॅफ आर्टस पर आकर समाप्त हुई। गौरतलब है कि चैकडी मोदी खाना में शामिल क्षेत्र में मूर्त व अमूर्त विरासत का बेहतरीन ताल-मेल दिखाई देता हैं।


संगोष्ठी के दुसरे दिन 20 दिसम्बर को संास्कृतिक अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर्यटन व प्राकृतिक धरोहरों के समन्वय पर विषेष चर्चा होगी।


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