यू.डी.टैक्स, हाउस टैक्स में छूट 8 दिन शेष


जयपुर, 23 दिसम्बर। राज्य सरकार द्वारा हाउस टैक्स/यू.डी.टैक्स और लीज राषि में दी गई छूट की सीमा 31 दिसम्बर को समाप्त हो रही हैं। सरकार द्वारा दी गई छूट और निगम की सक्रियता का ही नतीजा है, कि पिछले वर्ष 20 दिसम्बर तक निगम को लगभग 25 करोड़ रू का यूडी टैक्स प्राप्त हुआ था जबकि इस वर्ष अब तक 40 करोड़ रू का यूडी टैक्स निगम के खाते में जमा हो चुका है। गतवर्ष की तुलना में 160 प्रतिषत यूडी टैक्स निगम द्वारा अब तक प्राप्त किया जा चुका है। यूडी टैक्स जमा नही कराने वालोें पर निगम सख्त कार्रवाही भी कर रहा है। निगम द्वारा अब तक 240 सम्पत्तियों को कुर्क किया जा चुका है और 70 मामले प्रक्रियाधीन हैं।
पिछले साल के 44 करोड की तुलना में इस वर्ष दिसम्बर तक ही 40 करोड़ का आंकड़ा पार
वित्तिय वर्ष 2018-19 में निगम को 44 करोड 36 लाख रू. का यूडी टैक्स प्राप्त हुआ था। इसकी तुलना में इस वर्ष दिसम्बर माह के खत्म होने से पहले ही लगभग 40 करोड़ रू से ज्यादा का यूडी टैक्स निगम के खाते में जमा हो चुका है। जिस तरीके से लोग सरकार द्वारा दी गई छूट के प्रति उत्साह दिखा रहे है उससे प्रतीत होता है कि गतवर्ष के कुल यूडी टैक्स से ज्यादा निगम दिसम्बर तक ही प्राप्त कर लेगा।


इसी प्रकार लीज राषि में भी गतवर्ष की तुलना में 311 प्रतिषत वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष 23 दिसम्बर तक निगम को 1 करोड़ 70 लाख रू. लीज राषि के रूप में प्राप्त हुए थे जबकि इस वर्ष उक्त अवधि में 5 करोड़ 30 लाख रू. प्राप्त हो चुके है।


दो दिन में पेंडेंसी निपटाने के निर्देष- प्रषासक विजयपाल सिंह ने सभी जोन उपायुक्तों को निर्देष दिये है कि यूडी टैक्स में संषोधन के लिए जितनी भी पत्रावलियां लम्बित है उन्हें अगले दो दिवस में युक्ती युक्त अनुषंषा के साथ मुख्यालय भिजवायें।


छूट को समझें-
- 31 दिसम्बर 2019 तक सम्पूर्ण बकाया हाउस टैक्स एकमुष्त जमा कराने पर हाउस टैक्स की राषि पर 50 प्रतिषत और पेनल्टी पर शत-प्रतिषत छूट।
- वर्ष 2019-20 तक का बकाया यूडी टैक्स 31 दिसम्बर 2019 तक एकमुष्त जमा कराने पर ब्याज व पेनल्टी में शत-प्रतिषत छूट।


- वर्ष 2011-12 से पूर्व का बकाया यूडी टैक्स एकमुष्त जमा कराने पर उस अवधि के यूडी टैक्स में ब्याज पेनल्टी की छूट के साथ मूल बकाया में 50 प्रतिषत की छूट।
- 31 दिसम्बर 2019 तक बकाया लीज राषि एकमुष्त जमा कराने पर देय ब्याज में शत-प्रतिषत छूट।


आनलाइन गणना करें और जमा करायें


इस तरह समझे प्रक्रिया कोः-


सबसे पहले नगर निगम जयपुर की वेबसाईट ूूूण्रंपचनतउबण्वतह पर जाये। अगर आपने पूर्व में नगरीय विकास कर जमा करा रखा हैै तो आप अपना सर्विस क्रमांक ज्ञछव्ॅ ल्व्न्त् न्त्ठ।छ क्म्टम्स्व्च्डम्छज् ज्।ग् पर जाकर सर्च करे। अगर आप को अपना सर्विस क्रमांक पता है तो च्।ल् ल्व्न्त् न्त्ठ।छ क्म्टम्स्व्च्डम्छज् ज्।ग् पर क्लिक करें। अगर आप पहली बार टैक्स जमा करा रहे है तो ई-सेल्फ असेसमेटं एण्ड पेमेटं (यूडी टैक्स) पर क्लिक करें। उसके बाद आपके सामने कुछ सामान्य जानकारियां प्रर्दर्षित होगी। जिन्हें ध्यान से देखे अगर आपको अपना वार्ड नम्बर नहीं पता है तो आप सर्च योअर वार्ड पर क्लिक करें। उसके बाद अपनी काॅलोनी का नाम लिखकर सर्च करें। वार्ड का नाम दिखाई देने पर ई-सेल्फ असेसमेंट फार्म भरने के लिये एक्जिट पर क्लिक करें। उसके बाद सेल्फ असेसमेंट से सम्बन्धित सामान्य निर्देष खुलेगे जिन पर आई ऐग्री के बाक्स पर क्लिक करें।


स्व निर्धारण के लिये जो फार्म स्क्रिन पर आयेगा उसमें सम्पत्ति सम्बन्धित विवरण भरें और सेन्ड ओटीपी पर क्लिक करे। इसके बाद आपके मोबाईल पर आये ओटीपी को कम्प्यूटर में दर्ज कर वेरिफाई का बटन दबाये। इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें।


यह रहेगी भुगतान की प्रक्रियाः-


अगले चरण में आप अपना खाता प्रिन्ट करें एवं पे बटन पर क्लिक करें। भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या आॅनलाईन बैकिंग से किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आप खाते का प्रिन्ट लेकर नगर निगम के किसी भी जोन कार्यालय या मुख्यालय पर जाकर नकद, चैक या डिमाण्ड ड्राक्ट से अपना भुगतान कर सकते है।


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