जयपुर शहरी क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों की भी होगी क्षेत्रवार निगरानी लम्बे समय से अनुपस्थित चिकित्सकों को मिलेगी चार्जशीट
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर डिलीवरी सुनिष्चित हो: जिला कलक्टर

जयपुर, 5 फरवरी। जिला कलक्टर डाॅ. जोगाराम ने निर्देष दिये हंै कि जिले के सभी ब्लाॅक सीएमएचओ अपने-अपने क्षेत्रों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य केन्द्रों के सतत निरीक्षण करें ताकि जिले में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं के बेहतर डिलीवरी सुनिष्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि अब जयपुर शहरी क्षेत्र में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों को भी चार क्षेत्रों में विभाजित करते हुए माॅनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा।


डाॅ. जोगाराम बुधवार शाम कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति तथा कोटपा समिति की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने पूर्व में निर्धारित इंडिकेटर्स के आधार पर जिले के सभी ब्लाॅक सीएमएचओ की रैंकिंग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आगामी रैंकिंग में ब्लाॅक सीएमएचओ द्वारा किए गए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के निरीक्षण को भी इंडीकेटर के रूप में शामिल किया जाएगा।


जिला कलक्टर ने जमवारामगढ़ तथा चैमूं ब्लाॅक में स्त्री रोग विषेषज्ञों की लगातार अनुपस्थिति की षिकायत पर सीएमएचओ-प्रथम डाॅ. नरोत्तम शर्मा को निर्देष दिए कि जिले में कहीं भी लम्बे समय से अनुपस्थित चल रहे चिकित्सकों के विरुद्ध कार्यवाही करें और सेवा नियमों के तहत चार्जषीट प्रस्तावित करें। उन्होंने कहा कि सभी ब्लाॅक सीएमएचओ आयुष्मान भारत योजना की लम्बित आॅनलाइन रिपोर्टिंग भी सात दिन में पूरी करें।


डाॅ. जोगाराम ने ऐसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी निरीक्षण करवाने के निर्देष दिए जिनमें संस्थागत प्रसव पिछले माह शून्य रहा। अतिरिक्त जिला कलक्टर-चतुर्थ श्री अषोक कुमार ने कहा कि मातृ एवं षिषु मृत्युदर को रोकने के लिए चलाए जा रहे ‘दक्षता’ कार्यक्रम के तहत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी हर माह की पांच तारीख तक निर्धारित प्रपत्र में सूचनाएं भिजवाना सुनिष्चित करें।


कोरोना वायरस की स्क्रीनिंग पूरी सतर्कता से

बैठक में जिला कलक्टर को डाॅ. नरोत्तम शर्मा ने अवगत कराया कि कोरोना वायरस की गम्भीरता को देखते हुए जिले में पूरी सतर्कता से स्क्रीनिंग की जा रही है। चीन क्षेत्र से यात्रा कर आए 51 यात्रियों में से 4 को निगरानी के लिए आइसोलेषन वार्ड में रखा गया है वहीं 47 व्यक्तियों की उनके घर पर निगरानी जारी है। इन सभी व्यक्तियों के साथ ही इनके परिजनों की भी निगरानी रखी जा रही है।


15 फरवरी तक सबमिट करें जयपुर को तम्बाकू मुक्त करने का फाइनल प्लान

जिला कलक्टर डाॅ. जोगाराम ने कहा कि जयपुर जिले को तम्बाकू मुक्त बनाने के लिए सभी ब्लाॅक सीएमएचओ अपने-अपने क्षेत्रों की अंतिम कार्य योजना 15 फरवरी तक प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि जिले को 31 मई तक तम्बाकू मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ब्लाॅक स्तर पर निगरानी की व्यवस्था अपनाई जाएगी। इसके लिए उपखण्ड अधिकारियों के निर्देषन में छोटे-छोटे दलों का गठन किया जाएगा जो सार्वजनिक स्थानों पर तम्बाकू उत्पादों के सेवन तथा तथा विभागीय कार्यालयों में सेवन एवं बिक्री की रोक सुनिष्चित करेंगे।
बैठक में अवगत कराया गया कि पुलिस विभाग में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) की अच्छी पालना की गई है। जिला कलक्टर ने कहा कि जिन विभागों ने तम्बाकू मुक्त परिसर के सम्बंध में अभी तक अपने कार्यालय परिसरों की रिपोर्ट नहीं भिजवाई है वे शीघ्र रिपोर्ट भिजवाएं।
बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. भारती दीक्षित सहित विभिन्न चिकित्सा अधिकारी तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।


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