नागरिकों को शहर मे मिल रही सुविधाओं पर देना होगा फीडबैक


जयपुर, 11 फरवरी। प्रषासक एवं आयुक्त नगर निगम जयपुर ग्रेटर एवं हेरिटेज जयपुर विजयपाल सिंह ने सभी जोन उपायुक्तों को निर्देष दिये है कि केन्द्रीय आवासन एवं नगरीय विकास मंत्रालय द्वारा करवाये जा रहे ईज आॅफ लिविंग इंडेक्स सर्वे की जानकारी आमजन तक पंहुचाये। इसके लिए जोन स्तर पर टीमो का गठन करने के निर्देष उन्होने अधिकारियों को दिये। नगर निगम मुख्यालय के ई.सी. हाॅल में मंगलवार को आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए प्रषासक ने  सभी जोन उपायुक्तों को निर्देष दिये है कि उनके क्षेत्र में जो भी मेले, इवेंट आदि हो उनका सदुपयोग इस सर्वे के प्रचार-प्रसार के लिए करें।  
उन्होने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इस सर्वे की जानकारी पंहुचेे इसके लिए स्कूल, काॅलेज, शाॅपिंग माॅल्स आदि मे जाकर प्रचार-प्रसार करवाया जाये। इसके अतिरिक्त व्यापार मण्डल, स्वंयसेवी संस्थाओं, रेजिडेंट वेल्फेयर सोसायटियों एवं अन्य संस्थाओं का सहयोग लेने के निर्देष भी उन्होने दिये।
गौरतलब है कि केन्द्रीय आवासन एवं नगरीय विकास मंत्रालय द्वारा देषभर में करवाए जा रहे ईज आॅफ लिविंग इंडेक्स सर्वे में शामिल होकर शहरवासी जयपुर में मिल रही सुविधाओं पर अपना फीडबैक दे सकते है। इस सर्वे में षिक्षा, गर्वेनेस, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, आर्थिक स्थिति, रोजगार, आवासों की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति, शहरी परिवहन और प्रदूषण में कमी सहित जीवन शैली में जुडे अन्य इंडीकेटर्स को शामिल किया गया है। जीवन सुगमता सूचकांक के निर्धारण के लिए शहर में उपलब्ध इन सुविधाओं और सेवाओं के बारे में फीडबैक देना होगा।

इस तरह हो सकते है सर्वे में शामिल: यह सर्वे 1 फरवरी से शुरू हो चुका है जो  29 फरवरी तक चलेगा। नागरिक यूआरएल लिंक म्वस2019ण्वतहध्बपजप्रमदमिमकइंबा के माध्यम से सर्वे में शामिल हो सकते है। सर्वे मे कुल 24 प्रश्न पुछे जायेगें।

क्यों करवाया जा रहा है सर्वे ?
ईज आॅफ लिविंग इंडेक्स के इस सर्वे में इस बार 94 जीवन सुगमता सूचकांक शामिल हैं, पहली बार 154 नगरीय निकाय प्रदर्षन सूचकांक भी इस सर्वे में शामिल किए गए है। संस्थागत, सामाजिक, आर्थिक और भौतिक सुविधाओं के आधार पर ये सभी इंडिकेटर्स जीवन के लिए उपयोगी बुनियादी सुविधाओं के स्तर का निर्धारण करेगंे। इसके आधार पर केन्द्र सरकार द्वारा शहरों की रैकिंग की जाएगी।
कुल 100 अंको का है सर्वे-
यह सर्वे कुल 100 अंक का होगा।  आधारभूत सुविधाओं के 45 अंक, गर्वेनेस और सामाजिक व्यवस्था के 25-25 अंक और अर्थव्यवस्था के लिए 5 अंक निर्धारित किए गए हैं। इस तरह से 100 अंको के आधार पर शहरों का मूल्यांकन होगा।

इस दौरान स्मार्ट सिटी सी.ई.ओ लोक बन्धु, अतिरिक्त आयुक्त अरूण गर्ग सहित निगम एवं स्मार्ट सिटी के आला अधिकारी उपस्थित रहे।


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