महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने आज हिंगोनिया गौशाला में औचक निरीक्षण के दौरान संचालित सोलर पोल का जब हाथ लगाकर निरीक्षण किया तो भ्रष्टाचार के पोल की पोल खुली
जयपुर नगर निगम ग्रेटर की महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने आज हिंगोनिया गौशाला में औचक निरीक्षण के दौरान जब महापौर ने सौर ऊर्जा से संचालित सोलर पोल का जब हाथ लगाकर निरीक्षण किया तब भ्रष्टाचार के पोल की पोल खुल गई इससे नाराज महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने अधिकारियों के इस कार्य की जांच के आदेश दिए! महापौर ने बताया की हिंगोनिया गौशाला परिसर एवं उसके आसपास 270 सोलह पोल एलईडी लाइट लगाने का टेंडर हुआ था टेंडर की शर्तों मैं पोल को जमीन में 3 फीट गहराई में गड्ढा खोदकर और ऊपर से सीमेंट की पक्की फाउंडेशन बनानी थी पर जब मौके पर देखा तो पोल की गहराई एक से डेढ़ फीट ही पाई गई एवं रो मटेरियल भी घटिया क्वालिटी का पाया गया जब पोल को हाथ से तेज धक्का दिया गया तो पोल उखड़ कर जमीन से बाहर आ गया महापौर ने बताया कि लाइट की कीमत ₹36 हजार 300 ₹ निर्धारित की गई है इसमें तमाम खर्चे सम्मिलित है शर्तों के मुताबिक पोल का वजन 60 किलो निर्धारित किया गया है पर जब पोल का मौके पर वजन किया गया तो पोल 44 किलो का ही पाया गया महापौर डॉ.सौम्या गुर्जर ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी इस मौके पर पशु नियंत्रण एवं संरक्षण समिति के चेयरमैन अरुण वर्मा एवं वार्ड. 49 के पार्षद सुरेश कुमार एवं अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन के महासचिव मनोज कुमार टाक उपस्थित थे
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