कोविड रोगियों का उपचार राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ही किया जाना सुनिश्चित करें नोडल अधिकारी-आयुक्त, जयपुर विकास प्राधिकरण
जयपुर, 5 मई। जेडीसी श्री गौरव गोयल ने जयपुर के विभिन्न कोविड अस्पतालों में लगाये गए नोडल आरएएस अधिकारियों को अस्पतालों में कोविड मरीजों का उपचार सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ही किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलक्टर श्री अन्तर सिंह नेहरा ने भी नोडल अधिकारियों को अस्पतालों में ऑक्सीजन, आवश्यक दवा की वास्तविक आवश्यकता, आपूर्ति तथा उपचार के लिए ली जा रही राशि पर नजर बनाए रखने के लिए निर्देशित किया है।
जेडीसी श्री गोयल एवं जिला कलेक्टर श्री अंतर सिंह नेहरा ने बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में नोडल अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश प्रदान किये। श्री गोयल ने निर्देश दिए कि हर कोविड अस्पताल में भली प्रकार से दिखाई देने वाली जगह यथा स्वागत कक्ष, एडमीषन, वेटिंग रूम आदि में सरकार की ओर से वर्तमान में कोविड उपचार के लिए निर्धारित दरों की सूचना लगाई जाए, जिससे अधिक राशि नहीं ली जा सके। उन्होंने बताया कि विभिन्न श्रेणी में हाॅस्पिटलाइजेशन शुल्क में परामर्श शुल्क, नर्सिंग चार्ज, बैड एवं खाने का शुल्क, निर्धारित उपचार दिशा निर्देश के अनुसार डिस्चार्ज करने पर कोविड-19 टेस्ट, सभी प्रकार की माॅनिटरिंग एवं फिजियोथैरेपी शुल्क सभी प्रकार की जांचे जैसे बायोकेमेस्टरी, माइक्रोबायलाॅजी, पैथोलाॅजी, इमेजिंग आदि शामिल हैं। इनके लिए चिकित्सालय द्वारा अलग से शुल्क नहीं वसूला जा सकता।
श्री गोयल ने कोविड अस्पतालों में मरीजों के एडमीशन एवं डिस्चार्ज होनेे की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए अस्पताल प्रबन्धन के साथ समन्वय बनाने के लिए भी नोडल अधिकारियों को निर्देषित किया। उन्होने कहा कि बैड उपलब्ध होने पर कोविड मरीजों के एडमीशन में अधिक समय नहीं लगना चाहिए, जिससे उसे त्वरित इलाज मिल सके। इसके अलावा ठीक हो चुके कोविड पेषेन्ट्स को चिकित्सक की राय पर डिस्चार्ज कराने की कार्यवाही कराई जाए जिससे दूसरे गंभीर रोगियों को बैड उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन एवं वेंटीलेटर्स, आईसीयू के जितने बैड्स वास्तव में उपलब्ध हैं वही संख्या उनके द्वारा बताई जानी चाहिए, इसमें बिना संसाधनों वाले बेड्स की संख्या शामिल नहीं की जाए।
जिला कलक्टर श्री नेहरा ने कहा कि मरीजों के उपचार के लिए ली जा रही राशि के सम्बन्ध में ठीक हुए कोविड मरीजों अथवा उनके अटेण्डेंट से फोन पर सम्पर्क कर रेण्डम जांच भी की जाए। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टीका लगाने के लिए सेंटर्स की संख्या को टीके की उपलब्धता होने पर ही बढाया जाएगा। निजी चिकित्सालयों को टीके के लिए सीधे कम्पनी से सम्पर्क करना होगा। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर चतुर्थ श्री अशोक कुमार, उत्तर श्री बीरबल सिंह, मुख्च चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम, विभिन्न अस्पतालों में नियुक्त नोडल आरएएस अधिकारी एवं अन्य अधिकारी शामिल हुए।
 मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में इलाज शामिल

जेडीसी श्री गोयल एवं जिला कलक्टर श्री नेहरा ने बताया कि 1 मई से प्रारम्भ हुई मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना में कोविड के मरीजों का इलाज भी शामिल किया गया है। योजना में शामिल अस्पताल कोविड अस्पताल होने पर इससे इनकार नहीं कर सकता।पहले से भर्ती मरीजों का इलाज जारी रहेगा

श्री गोयल एवं श्री नेहरा ने बताया कि जिन छोटे अस्पतालों को पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण कोविड अस्पतालों की सूची से निकाला गया है, उन्हें नए कोविड मरीज लेने के की अनुमति नहीं है, लेकिन पहले से भर्ती मरीजों का इलाज एवं आवश्यकतानुसार उन्हें ऑक्सीजन का आवंटन जारी रहेगा।  श्री गोयल ने बताया कि आने वाले दिनों में ऑक्सीजन की आपूर्ति में सुधार आने की संभावना है। उन्होंने बडे़ अस्पतालों को अपने यहां ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए भी सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए।
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