मालाखेडा के भृर्तहरि धाम में साधु की हत्या का खुलासा: दर्जनों गाॅव का सर्वे व सैंकड़ों लोगों से पूछताछ के बाद दबोचे दो हत्यारे -साधु के पास काफी पैसा होने की अंदेशे पर की थी हत्या,डीएसटी व साईक्लोन सैल की रही अहम भूमिका
अलवर 28 जुलाई। मालाखेडा के भृर्तहरि धाम में 29 जून को हुई साधु की हत्या का थाना पुलिस, डीएसटी व साइक्लोन सैल की संयुक्त टीम ने खुलासा कर काला खो की ढाणी खरखडी थाना नारायणपुर निवासी दो अभियुक्तों सियाराम गुर्जर पुत्र रामकरण गुर्जर (25) एवं हरफूल पुत्र रामरतन उर्फ पप्पु गुर्जर (24) को गिरफ्तार कर लिया है। टीम ने दर्जनों गाॅव का सर्वे कर व सैंकड़ों लोगों से पूछताछ के बाद दोनों संदिग्धों को डिटेन कर पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है। 

    एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि 29 जून की रात भर्तहरि के त्रिवेणी धाम में वर्षों से तपस्या रहे साधु मुकेश नाथ जी किसी अज्ञात ने हत्या कर दी और उनकी कोटड़ी में रखे रुपये लूट कर ले गये। गांव भण्डोडी थाना मालाखेडा निवासी सतीश सैन की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर एडीजी क्राइम व आईजी जयपुर रेंज के निर्देश पर घटना के खुलासे हेतु एएसपी ग्रामीण श्रीमन लाल मीना व सीओ ग्रामीण अमित सिंह के निर्देशन एवं थानाधिकारी मालाखेडा सुरेश कुमार व डीएसटी प्रभारी सीआई जहीर अब्बास के नेतृत्व में साईक्लोन सैल सहित डीएसटी टीम का गठन किया गया।

दर्जनों गाॅव का सर्वे कर व सैंकड़ों लोगों से पूछताछ कर पुलिस ने आसूचना संकलित की

     गठित टीम ने अज्ञात मुलजिमों की तलाश में सभी संदिग्धों से गहनता से पूछताछ की एवं खुफिया तौर से आसूचना संकलन कर मुखबीर तंत्र को एक्टिव किया। घटना स्थल के आस पास पहाडों में बसें दर्जन भर गाॅवों का डोर-टू-डोर सर्वें कर सेंकडों लोगों से पूछताछ कर आसूचना संकलित की गई।

एक महीने पहाड़ों में कैम्प कर चरवाहा ओर वनकर्मी बन आरोपितों तक पहुंची डीएसटी

प्राप्त आसूचना एवं साईक्लौन सैल से प्राप्त जानकारी के अनुसार 02 लोगों को चिन्ह्त कर पहचान की गई। इस कार्रवाई में डीएसटी टीम को कभी चरवाहा तो कभी वनकर्मी बनना पड़ा। इसके बाद भी डीएसटी टीम ने घटना के बाद से ही पहाडों में कैम्प कर गुप्त रुप से जानकारी एवं आसूचना प्राप्त कर आरोपी सियाराम गुर्जर एवं हरफूल गुर्जर को डिटेन कर लिया।

साधु की कोटड़ी में काफी पैसे मिलेंगे, यह सोच दोनों आश्रम गये ओर कर दी हत्या

दोनों को भृर्तहरि में साधु बाबा की कोटडी में पैसे रखे होने की जानकारी थी, जिसकी पहले रेकी की एवं उसके बाद योजनाबद्ध तरीके से पैसे लूटने की नियत से 29 जून की रात साधु बाबा के आश्रम में घुस गये। लूटने के दौरान विरोध करने पर टांच्या का वार करके साधु की निर्मम हत्या कर कोटडी में रखे पैसों को चुरा ले गये।
                        
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