धन दोगुना करने का झांसा देकर पुलिस की वर्दी में ठगी करने वाली गैंग के 6 सदस्य गिरफ्तार, 2 लग्जरी कार व ठगे गये 1 लाख रुपये बरामद
चूरू 11 अगस्त। रकम दुगना करने का झांसा देकर पीड़ित को सुनसान जगह बुला पुलिस की वर्दी में ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा कर 6 ठगों को दूधवाखारा, साहवा व डीएसटी ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार ठग राम सिंह पुत्र सुखदेव सिंह (50) थाना जाखल जिला फतेहाबाद, अशोक कुमार पुत्र जयपाल वाल्मीकि (32) थाना सदर नरवाना जिला जींद, नरेश पुत्र शीश पाल वाल्मीकि (26) थाना भूना जिला फतेहाबाद, दीपक पुत्र मनमोहन शेट्टी (33) थाना सिटी जिला सिरसा तथा सतनाम सिंह पुत्र प्यारा सिंह (35) एवं भूपेंद्र सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह (26) थाना सदर जिला हिसार के रहने वाले है। जिसके कब्जे से 2 कार एक होंडा एक्स फोर्ड व एक फोल्डर व ठगे गए एक लाख नगद रूपये बरामद किये गए है।
      एसपी चूरू नारायण टोगस ने बताया कि 10 अगस्त 2021 को झुंझुनू के रहने वाले एक व्यक्ति ने थाना राजगढ पर रिपोर्ट दी की उसके व उसके दोस्त को किसी ने फोन कर रुपयों को दुगुना- तिगुना करना बताया ओर कई तरह से सब्जबाग दिखाए। विश्वास में लेने उसके एक दो जानकार व्यक्तियों के नाम बताये। विश्वास कर लेने पर उन्होंने उसे राजगढ़-हिसार रोड पर बुलाया। वह दोस्त के साथ वहां पहुंचा,जहां एक गाड़ी में दो तीन जने आए उन लोगों ने उन्हें बातों में लगा लिया। नोटों की गड्डियां दिखाई ओर फिर एक लाख रूपये ले लिए। इतनी देर में एक गाड़ी और आई जिसमें एक दो जने हरियाणा पुलिस की वर्दी में थे। जिन्होंने कहां की तुम लोग नकली नोटों का धंधा करते हो यह कहकर धमका कर एक लाख रूपये लिए और दोनों अपनी दोनों गाड़ियों में बैठ कर भाग गए।
        मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी नारायण टोगस के निर्देशानुसार एएसपी राजगढ़ नीरज पाठक एवं सीओ राजगढ बृजमोहन असवाल के सुपरविजन तथा एसआई राजेन्द्र सिंह, थानाधिकारी दूधवाखारा रामविलास बिश्नोई, थानाधिकारी साहवा सुरेश कुमार व डीएसटी टीम द्वितीय के जोगिंद सिंह की टीम गठित की गई, जिन्होंने सूझबूझ का परिचय दे ठगों को पीछा कर उन्हें हरियाणा से दस्‍तयाब कर लिया। 
    एसपी टोग्स ने बताया कि गिरफ्तार ठगों के पास 15 गड्डियां मिली जिसमें आगे-पीछे तो एक-एक असली नोट, बीच में सफेद कागज नोट के आकार के लगाए हुए भी मिले। यह लोग नोट डबल या तिगुना करने का झांसा देकर लोगों को लालच देते हैं, फिर उसे असली नोट लेकर किसी सुनसान जगह बुलाते हैं। अपने पास रखी जाली नोट की गड्डी दिखा उसे डबल करने का नाटक करते है। इसी दौरान इन्हीं के गैंग के दो तीन अन्य सदस्य दूसरी गाड़ी से पुलिस वर्दी में आते हैं। पुलिस की रेड होने की बात कहकर पहली पार्टी पैसे लेकर भाग जाती हैं। पीड़ित डर के मारे पुलिस तक नही जाता। यह गैंग ठगी की वारदातों निरंतर करती रहती हैं। इस गैंग के सदस्य आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं जिनके खिलाफ पूर्व से भी अपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनसे अन्य वारदातों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है
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