महिलाओं व बच्चियों के विरुद्ध दर्ज अपराधों में दोषियों को कठोर कारावास से लेकर मृत्युदण्ड तक की सजा
जयपुर, 16 अगस्त। राजस्थान पुलिस द्वारा गम्भीर अपराधों विषेष रूप से महिलाओं, बच्चों व कमजोर वर्गों के विरूद्ध अपराधों की रोकथाम के संबंध में प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। महिलाओं व बच्चियों के विरुद्ध दर्ज गम्भीर प्रकृति के अपराधों में सम्बंधित न्यायालय द्वारा दोषियों को कठोर कारावास से लेकर मृत्युदण्ड तक की सजा व अर्थदण्ड से दण्डित किया है। हाल ही घटित दलित महिला से सामूहिक दुष्कर्म एक मामले में पुलिस ने मात्र 2  दिनों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कोर्ट में चालान भी पेश कर दिया।
     महानिदेशक पुलिस श्री एम एल लाठर ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आमजन तक पुलिस की पहुॅच को सुगम बनाने के लिए निर्बाध पंजीकरण व्यवस्था अपनाई जा रही हैं। जिसके सार्थक परिणाम दृष्टिगोचर हो रहे है। महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के साथ यौन शोषण के मामलों को केस ऑफिसर स्कीम के अंदर लेकर हिनियस क्राइम मोनेटरिंग यूनिट द्वारा सतत निगरानी रखी जाती है और कोर्ट में साक्ष्य व साक्षी प्रस्तुत कर दोषियों को कठोर दण्ड दिलवाने के सम्पूर्ण प्रयास किये जा रहे है।

प्राथमिकी दर्ज कराने की सुगम प्रक्रिया से बढा अपराध पंजीकरण 

श्री लाठर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सभी वर्गों विशेष रुप से कमजोर वर्गों के व्यक्तियों को राहत पहुंचाने और न्याय दिलाने के संकल्प को पूरा करने के लिए पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के परिणाम स्वरूप अपराध पंजीकरण तो बड़ा है, लेकिन जरूरतमंदों को न्याय की राह अभी आसान हुई है। उन्होंने बताया कि एसपी ऑफिस से सीधे प्राथमिकी दर्ज कराने की सुविधा का जून 2019 से अब तक कुल 230 व्यक्तियों ने लाभ लिया। इनमें से थाना अधिकारी द्वारा एफआईआर दर्ज करने से मना करने के मिले 18 प्रकरणों में कार्यवाही की गई है। बलात्कार के प्रकरणों में कोर्ट के माध्यम से 2017-18 में 30 से 33 प्रतिषत प्रकरण दर्ज होते थे। लगातार प्रयासों से अभी आंकड़ा आधा यानी 16 प्रतिषत रह गया है। थानों में स्वागत कक्षों के निर्माण के तहत अब तक 430 पुलिस थानों में स्वागत कक्ष का निर्माण पूर्ण हो चुका है और 141 में निर्माण जारी है। 

महिला अत्याचारों में सजा की दर 45 प्रतिषत

महानिदेशक ने बताया कि अनुसंधान पर भी विषेष ध्यान दिया जा रहा है। स्पेशल यूनिट स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट फॉर क्राइम्स अगेंस्ट वूमेन में पुलिस उपअधीक्षक की वजाय अब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तैनात किए जा रहे हैं। यह यूनिट महिला अत्याचारों के साथ-साथ एससी-एसटी अत्याचार एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध व मानव तस्करी के अपराधों की रोकथाम की भी मॉनिटरिंग करेगी। उन्होंने बताया कि बलात्कार के प्रकरणों में वर्ष 2017-18 तक अनुसंधान में औसत 280 से अधिक दिन लगते थे अब 140 दिन में निस्तारण किया जा रहा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो 2019 के अनुसार राजस्थान में महिला अत्याचारों में सजा की दर 45 प्रतिषत है जो राष्ट्रीय औसत 23 प्रतिषत की तुलना में अधिक है। 

    डीजीपी लाठर ने महिलाओं व बच्चियों के यौन उत्पीड़न, हत्या व अगवा करने की 18 घटनाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस द्वारा इन मामलों में दोषियों को गिरफ्तार कर तीव्र अनुसंधान पूरा करके चालान कोर्ट में पेश किया। साक्ष्य व साक्षी को कोर्ट में पेश कर दोषियों को कोर्ट द्वारा आजीवन कारावास से लेकर मृत्युदण्ड की सजा से दण्डित कराया गया है। 

बलात्कार व पॉक्सो एक्ट के 17 प्रकरणों में कारावास से लेकर मौत की सजा
● पिलानी जिला झुन्झुनू में 5 वर्ष की बालिका से दरिंदगी के प्रकरण में 17 मार्च,2021 को कोर्ट द्वारा मुल्जिम सुनील कुमार को मृत्यु दंड की सजा सुनाई गई।
● सवाईमाधोपुर में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के 10 जून,19 को दर्ज मामले में 11 अगस्त,21 को कोर्ट द्वारा आरोपी रतन सैनी एवं सोनू रैगर को 20 वर्ष के कारावास एवं 65,000 रूपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई।
● नवलगढ जिला झुन्झुनू के गांव बडवासी में ढाई साल की मासूम से दुष्कर्म के मामले में 07 अगस्त,21 को कोर्ट द्वारा आरोपी भागीरथ को आजीवन कारावास एवं 50,000 रूपये के अर्थ दण्ड की सजा सुनाई गई।
● दरगाह जिला अजमेर के बाहर 3 वर्ष की बच्ची का अपहरण के मामले में मुल्जिम मौहम्मद सागर को कोर्ट द्वारा 05 अगस्त,21 को 5 वर्ष के कारावास एवं 25 हजार रूपये से दण्डित किया गया।
● रास जिला पाली में नाबालिग से बलात्कार के प्रकरण में आरोपी तारांचद बावरी को 05 अगस्त,2021 को 20 वर्ष की सजा एवं 26000 का अर्थदण्ड दिया गया।
● पीलीबंगा जिला हनुमानगढ में नाबालिग लडकी को बंधक बनाकर बलात्कार के मामले में कोर्ट द्वारा 03 अगस्त,21 को आरोपी गजानंद को 10 साल की सजा एवं एक लाख 5 हजार रूपये के अर्थदण्ड व मुल्जिम हरीराम को 03 वर्ष की सजा से दण्डित किया गया।
● आसिन्द जिला भीलवाडा में महिला के साथ दुष्कर्म कर हत्या के प्रकरण में 01 अप्रेल,21 को मुल्जिम नारायण को कोर्ट द्वारा हत्या के मामले में आजीवन कारावास व 50,000 रूपये का अर्थदण्ड व धारा 376 भादस में 14 वर्ष का कठोर कारावास व 50,000 रूपये का अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई।
● करणी विहार जयपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट द्वारा आरोपी महेश कुमार को 31 मार्च,21 को 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 50,000 रूपये का अर्थदण्ड दिया गया।
● उधौग नगर जिला अलवर में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में 19 मार्च,21 को आरोपी रामेन्द्र गुर्जर को आजीवन करावास की सजा से दण्डित किया गया।
● मालाखेडा जिला अलवर में पीडिता को जबरन गाडी में बैठा सामुहिक दुष्कर्म के मामले में 30 जनवरी, 2021 को अभियुक्त नसरु व अली मौहम्मद को 20 साल के कठोर कारावास तथा 25 हजार रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया। 
● सेवर जिला भरतपुर में 8 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म कर हत्या के मामले में 11 जनवरी, 21 को आरोपी राजन सिंह केा आजीवन कारावास व 05 हजार रूपये आर्थिक दण्ड से दण्डित किया गया है।
● शास़्त्री नगर जयपुर में पापा का दोस्त बताकर घर से मासूम को उठा ले जाकर ज्यादती करने के मामले में आरोपी सिकन्दर उर्फ जीवाणु को 27 नवम्बर,20 को आजीवन कारावास (मृत्युपर्यन्त जेल) की सजा सुनवाई गयी।
● अलवर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी गौरव उर्फ भानू को 23 नवम्बर,20 को 10 वर्ष के कठोर कारावास से दण्डित किया गया।
● थानागाजी जिला अलवर में पति को बंधक बनाकर, पत्नी से 5 युवको द्वारा गैंगरेप के मामले में 06 दिसम्बर, 2020 को आरोपी छोटेलाल उर्फ छोटया गुर्जर, इन्द्राज गुर्जर, हसंराज उर्फ हसां गुर्जर व अशोक गुर्जर को आजीवन कठोर कारावास जो कि शेष प्राकृतिक जीवन काल के लिए प्रभावी होगा व 1-1 लाख रूपये के आर्थिक दण्ड से दण्डित किया गया। घटना का फोटो व वीडियो वायरल करने वाले अभियुक्त मुकेश को आईटी एक्ट के तहत 5 साल का कठोर कारावास व 50 हजार रूपये के आर्थिक दण्ड से दण्डित किया गया है। 
● भानीपुरा जिला चुरू में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में 17 दिसम्बर, 19 को मुलजिम दयाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी।
● कोतवाली जिला टोंक में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी मजीद को 19 अगस्त,19 को 20 वर्ष का कारावास एवं एक लाख रूपये का अर्थदण्ड दिया गया।
● भीमगंज मण्डी जिला कोटा शहर में मॉ बेटी से दुष्कर्म कर हत्या के मामले में आरोपी मस्तराम उर्फ सल्लू एवं लोकेश मीणा को 18 फरवरी,19 को फांसी की सजा एवं 80-80 हजार रूपयों के जुर्माने से दण्ड़ित किया गया।
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मात्र दो दिनों में दो दुष्कर्मियों के विरुद्ध कोर्ट में चालान पेश

गुलाबपुरा भीलवाडा में दलित महिला के साथ सामुहिक दुष्कर्म के मामलें में 28 जुलाई को दर्ज मामले में पुलिस ने आरोपी देवा लाल एवं तेजू नायक को गिरफ्तार कर मात्र 48 घण्टों में 30 जुलाई को कोर्ट में चालान पेश कर दिया।
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